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मंत्र-परंपरा (आगम और तंत्र)

शम्भु को नमस्कार

ॐ शम्भवे नमः
मूल मूल पाठ
ॐ शम्भवे नमः
oṃ śambhave namaḥ
अनुवाद अनुवाद — अनुवादक: ॐ नमः शिवाय टीम

ॐ। कल्याण के स्रोत शम्भु को नमस्कार।

भाष्य व्याख्या — हमारी टिप्पणी, शास्त्र नहीं

शम्भु का अर्थ है “जिनसे कल्याण (शम्) उत्पन्न होता है”। श्री रुद्रम् इसी नाम से उन्हें नमन करता है: नमः शम्भवे च मयोभवे च।

नाम-मंत्र के रूप में यह छोटा, कोमल और माला पर सहज है — पहले जप के लिए उपयुक्त।

प्रमाण प्रमाण
परंपरा
से
मंत्र-परंपरा (आगम और तंत्र)
नाम-मंत्र, जैसा शिव की नामावलियों में
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मूल पाठ

ॐ शम्भवे नमः

oṃ śambhave namaḥ

अनुवाद

ॐ। कल्याण के स्रोत शम्भु को नमस्कार।

अनुवादक: ॐ नमः शिवाय टीम

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इनमें भी मिलता है

अध्याय
निश्चित
कृष्ण यजुर्वेद (तैत्तिरीय संहिता) — श्री रुद्रम्, नमकम्
अनुवाक 8 (“नमः शम्भवे च मयोभवे च”)
TS 4.5.8
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मूल पाठ

नमः शम्भवे च मयोभवे च ।

नमः शङ्कराय च मयस्कराय च ।

नमः शिवाय च शिवतराय च ॥

namaḥ śambhave ca mayobhave ca |

namaḥ śaṅkarāya ca mayaskarāya ca |

namaḥ śivāya ca śivatarāya ca ||

अनुवाद

शांति के स्रोत और आनंद के स्रोत को नमस्कार। शांति देने वाले और आनंद देने वाले को नमस्कार। मंगलमय को नमस्कार — और उससे भी अधिक मंगलमय को नमस्कार।

अनुवादक: ॐ नमः शिवाय टीम

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