हम उस परम पुरुष को जानें; महादेव का हम ध्यान करते हैं। वे रुद्र हमें उस ओर प्रेरित करें।
गायत्री के तीन अंग होते हैं: “हम जानें”, “हम ध्यान करें”, “वे हमें प्रेरित करें”। यह गायत्री शिव के पाँच मुखों में से एक, तत्पुरुष, को संबोधित है, और शिव-जप के सबसे प्रचलित मंत्रों में है।
जप पृष्ठ पर इसे माला पर गिना जा सकता है — लगभग सात सेकंड में एक बार।
निश्चित
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मूल पाठ
ॐ तत्पुरुषाय विद्महे महादेवाय धीमहि ।
तन्नो रुद्रः प्रचोदयात् ॥
oṃ tatpuruṣāya vidmahe mahādevāya dhīmahi |
tan no rudraḥ pracodayāt ||
अनुवाद
हम उस परम पुरुष को जानें; महादेव का हम ध्यान करते हैं। वे रुद्र हमें उस ओर प्रेरित करें।
अनुवादक: ॐ नमः शिवाय टीम
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