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शिव पुराण

ॐ — प्रणव

प्रणवः
मूल मूल पाठ
ॐ
oṃ
अनुवाद अनुवाद — अनुवादक: ॐ नमः शिवाय टीम

ॐ — अ, उ, म, और उसके बाद का मौन: वह एक अक्षर जो संपूर्ण का प्रतीक है।

भाष्य व्याख्या — हमारी टिप्पणी, शास्त्र नहीं

शिव पुराण प्रणव को शिव का अपना नाम बताता है: विद्येश्वर संहिता में अग्नि-स्तंभ के बाद शिव स्वयं इसे ब्रह्मा और विष्णु को देते हैं, और कहते हैं कि पंचाक्षर मंत्र नमः शिवाय इसी से प्रकट होता है।

लंबा और धीमा उच्चारण, एक मनके पर एक ॐ — यह सबसे सरल जप है।

प्रमाण प्रमाण
अध्याय
निश्चित
शिव पुराण
विद्येश्वर संहिता, अध्याय 10 (ओंकार का उपदेश) और अध्याय 17 (प्रणव और पंचाक्षर)
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मूल पाठ

ॐ

oṃ

अनुवाद

ॐ — अ, उ, म, और उसके बाद का मौन: वह एक अक्षर जो संपूर्ण का प्रतीक है।

अनुवादक: ॐ नमः शिवाय टीम

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