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शिव पंचाक्षर स्तोत्रम्

पंचाक्षर स्तोत्र — म

शिवपञ्चाक्षरस्तोत्रम् — २
मूल मूल पाठ
मन्दाकिनीसलिलचन्दनचर्चितायनन्दीश्वरप्रमथनाथमहेश्वराय ।मन्दारपुष्पबहुपुष्पसुपूजितायतस्मै मकाराय नमः शिवाय ॥
mandākinī-salila-candana-carcitāyanandīśvara-pramatha-nātha-maheśvarāya |mandāra-puṣpa-bahu-puṣpa-supūjitāyatasmai ma-kārāya namaḥ śivāya ||
अनुवाद अनुवाद — अनुवादक: ॐ नमः शिवाय टीम

जो मंदाकिनी के जल और चंदन से चर्चित हैं, नंदीश्वर और प्रमथगणों के स्वामी महेश्वर हैं; मंदार और अनेक पुष्पों से पूजित — उन “म”कार स्वरूप शिव को नमस्कार।

भाष्य व्याख्या — हमारी टिप्पणी, शास्त्र नहीं

स्तोत्र का दूसरा श्लोक — “म” अक्षर का।

प्रमाण प्रमाण
परंपरा
से
शिव पंचाक्षर स्तोत्रम्
श्लोक 2
रचयिता (परंपरा अनुसार): आदि शंकराचार्य (परंपरा अनुसार)
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मूल पाठ

मन्दाकिनीसलिलचन्दनचर्चिताय

नन्दीश्वरप्रमथनाथमहेश्वराय ।

मन्दारपुष्पबहुपुष्पसुपूजिताय

तस्मै मकाराय नमः शिवाय ॥

mandākinī-salila-candana-carcitāya

nandīśvara-pramatha-nātha-maheśvarāya |

mandāra-puṣpa-bahu-puṣpa-supūjitāya

tasmai ma-kārāya namaḥ śivāya ||

अनुवाद

जो मंदाकिनी के जल और चंदन से चर्चित हैं, नंदीश्वर और प्रमथगणों के स्वामी महेश्वर हैं; मंदार और अनेक पुष्पों से पूजित — उन “म”कार स्वरूप शिव को नमस्कार।

अनुवादक: ॐ नमः शिवाय टीम

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