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बिल्वाष्टकम्

एक बिल्वपत्र, शिव को अर्पण

बिल्वाष्टकम् — १
मूल मूल पाठ
त्रिदलं त्रिगुणाकारं त्रिनेत्रं च त्रियायुधम् ।त्रिजन्मपापसंहारम् एकबिल्वं शिवार्पणम् ॥
tridalaṃ triguṇākāraṃ trinetraṃ ca triyāyudham |tri-janma-pāpa-saṃhāram eka-bilvaṃ śivārpaṇam ||
अनुवाद अनुवाद — अनुवादक: ॐ नमः शिवाय टीम

तीन दलों वाला, तीन गुणों के आकार का, तीन नेत्रों और त्रिशूल के समान, तीन जन्मों के पापों का नाश करने वाला — एक बिल्वपत्र मैं शिव को अर्पण करता हूँ।

भाष्य व्याख्या — हमारी टिप्पणी, शास्त्र नहीं

लिंग पर बिल्वपत्र चढ़ाते समय बोला जाता है। शिव पुराण बिल्व की महिमा विस्तार से कहता है (विद्येश्वर संहिता, अध्याय 22); यह श्लोक स्वयं बाद के बिल्वाष्टकम् का है।

प्रमाण प्रमाण
परंपरा
से
बिल्वाष्टकम्
श्लोक 1
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मूल पाठ

त्रिदलं त्रिगुणाकारं त्रिनेत्रं च त्रियायुधम् ।

त्रिजन्मपापसंहारम् एकबिल्वं शिवार्पणम् ॥

tridalaṃ triguṇākāraṃ trinetraṃ ca triyāyudham |

tri-janma-pāpa-saṃhāram eka-bilvaṃ śivārpaṇam ||

अनुवाद

तीन दलों वाला, तीन गुणों के आकार का, तीन नेत्रों और त्रिशूल के समान, तीन जन्मों के पापों का नाश करने वाला — एक बिल्वपत्र मैं शिव को अर्पण करता हूँ।

अनुवादक: ॐ नमः शिवाय टीम

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